शब्दों के जादूगर मार्खेज, कल्पना के रंग और वास्तविकता की कशमकश साथ-साथ


प्रोफ़ेसर डम्बलडोर हैरी से कहते हैं कि "शब्द जादू से कम नहीं होते। इनमें अपार शक्तियां होती हैं। यह दुख दे भी सकते हैं और दुख भर भी सकते हैं"।  हैरी पॉटर सीरीज का यह कथन हमेशा लिखते-पढ़ते मेरे साथ बैठा रहता है। इस उम्मीद में की भाषा को साध सकूं। लेकिन भाषा को तो साध पाना कठिन साधना करने जैसा है। जीवन के कई साल गुजर जाते हैं, भाषा के इस जादू को सीख पाने में।

प्रेम की भाषा में जादू होता है। प्रेम पत्रों के हर एक शब्द अपने में अथाह शक्ति समाए रखता है। साथ ही विरह में भी आदमी कोमल शब्दों को उतनी ही बेचैनी से ढूंढता है। चूंकि प्रेम ही जादू जैसा होता है। बहरहाल प्रेम से इतर शब्दों का जादू कितना प्रबल होता है यह मार्खेज का उपन्यास 'वन हंड्रेड ईयर ऑफ सोलिटुड' से गुजरते हुए जाना। मार्खेज पूरी दुनियां भर में पढ़ें गए, लेकिन मेरा यह दुर्भाग्य कि पहली बार उनका उपन्यास उनके गुजर जाने के चार साल बाद पढ़ा पाया.
शहर का एकांतवाश
'वन हंड्रेड ईयर ऑफ सोलिटुड' एक शहर के जन्म लेने, बढ़ने और उसके खत्म होने की कहानी बयाँ करता है. यह शहर है मोकोंदो, जो पूरी दुनियां से कटा हुआ है. यह कटाव इस कदर है कि यहाँ के लोगों को कई चीजों के नाम तक नहीं पता होता. बर्फ जैसी चीज का होना भी यहाँ एक जादू जैसा है. शहर का यह एकांतवाश ही मेरे लिए सम्मोहन पैदा करता है. बुएन्दिया परिवार इस पूरे शहर के केंद्र में है. बुएन्दिया परिवार के सात पीढियां इसी शहर को बनाती हुई यही दफन होती है.
मार्खेज का जादू
मार्खेज़ कहानी बुनते समय अपने कल्पना के इतने रंग भर देते हैं कि चीजें असाधारण और अविश्वसनीय लगने लगती है. बावजूद इसके मुझे मार्खेज का जादू इस न मनाने वाली चीजों को भी मानने को विवश कर देता है. कल्पना से भी परे घटनाएं भी हर रोज की साधारण घटना लगती है. प्राय: यथार्थवादी उपन्यासों के साधारण से लगने वाले किरदार को किताब खत्म होने के साथ भूलने लगता हूँ. लेकिन याद रहता है वह किरदार जो सपनों में बनना चाहते हैं, जो बिलकुल ऑफ दिस वर्ल्ड हो. जैसे किताब पढ़ने के बाद मुझे याद रह जाता है कि मोकोंदो में बारिश भी होती है तो चार साल के लिए, एक आदमी मौत से लौट कर वापस आ जाता है , एक लड़की इतनी खुबसूरत होती है कि कई लोग उसके खिड़की पर अपना जान दे देते हैं और उसे कोई फर्क तक नहीं पड़ता. एक औरत अपने मरने की भविष्यवाणी खुद से करती है और दो साल तक अपना कफ़न तैयार करते हुई गुजारती है. किरदारों के विचित्र कारनामें पढ़ते हुए कभी-कभी किताब के फेरीटेल्स होने का भ्रम जागता है, लेकिन पैरलल चलता रिअलिज्म किताब पढ़ें जाने के सुख को और भी बढ़ा देता है.

एकांतवाश का प्रेम

प्रेम की कोई परिभाषा तय नहीं है. जितने तरह के आशिक होंगे उतने तरह के प्रेम होंगे. लेखक के साथ भी यही है. जैसा लेखक वैसी प्रेम कहानी. 'वन हंड्रेड ईयर ऑफ सोलिटुड' का प्रेम भी किताब के जैसा विराट है. हर किरदार का प्रेम उतना ही विचित्र और अनोखा. एक लड़की है मेमे जिसका प्रेमी हर शाम उससे मिलने आता है, प्रेमी के साथ आती हैं बहुत सारी पीली तितलियाँ. प्रेमिका का कमरा पीली तितलियों से भरा होता है, यह तितलियाँ तब तक प्रेमी के पास रहती हैं जब तक वह जिन्दा रहता है. एक आदमी शादीशुदा होने के बावजूद एक पराई औरत के लिए निष्ठावान रहता है , और वह पराई औरत अपने प्रेमी के गुजर जाने के बाद उसके घर के खर्चा उठाए रहती है. एक नौजवान अपने से कई साल छोटी लड़की से एक नजर का प्यार कर बैठता है , जिसे अक्षर ज्ञान तक पता नहीं होता. और वह नौजवान उसे अक्षर ज्ञान सिखाता उसके बड़ा होने का इंतजार करता है. एकांतवाश का प्रेम सही गलत से परे होता है, उम्र , संबंधों और समाज के बंधन से मुक्त होता है. यह एकांतवाश ही आजादी के सही मायने बताता है.  

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